1 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य, मध्यम और गरीब वर्ग को बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0’ के तहत देश भर में 1 करोड़ नए पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अपना घर बनाने के लिए ₹2.5 लाख (ढाई लाख रुपये) की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनके पास भारत में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है। 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे पात्र नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरा कर सकते हैं।
योजना की विभिन्न श्रेणियां और पात्रता नियम
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है:
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बीएलसी (Beneficiary Led Construction): यदि आपके पास अपनी जमीन है और आप उस पर घर बनाना चाहते हैं, तो सरकार ₹2.5 लाख की मदद देगी। इसके लिए सालाना आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।
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एएचपी (Affordable Housing in Partnership): निजी बिल्डरों या सरकार द्वारा बनाए गए फ्लैटों में घर लेने के लिए सहायता।
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एआरएच (Affordable Rental Housing): प्रवासी मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए किफायती किराए पर घर की सुविधा।
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सब्सिडी योजना: ₹3 लाख से ₹9 लाख तक की आय वाले परिवारों के लिए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।
जरूरी दस्तावेज और आवेदन कैसे करें?
आवेदन करने के लिए लाभार्थी के पास आधार कार्ड (परिवार के सदस्यों के आधार सहित), बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) और जमीन के दस्तावेज (रजिस्ट्री या पट्टा) होना अनिवार्य है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है:
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सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (pmay-urban.gov.in) पर जाएं।
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‘Apply for PMAY-U 2.0’ विकल्प चुनें और अपना आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के जरिए सत्यापित करें।
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व्यक्तिगत विवरण, बैंक खाता जानकारी और परिवार के सदस्यों का विवरण भरें।
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आय प्रमाण पत्र और जमीन के दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल अपलोड करें।
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अंत में आवेदन सबमिट करें और ‘एप्लीकेशन आईडी’ (Reference Number) सुरक्षित रख लें।
सत्यापन और स्टेटस ट्रैकिंग
आवेदन जमा करने के बाद, नगर निगम या संबंधित सरकारी विभाग द्वारा आपकी जमीन और पात्रता का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाएगा। आवेदक समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल पर ‘Track Application Status’ विकल्प का उपयोग करके अपने आवेदन की प्रगति देख सकते हैं। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभ मिल सके।